बिहार में भ्रष्टाचार पर वार: इंजीनियरों के घर से निकले करोड़ों
By Samastipur Sahar News Desk | Date: 23 अगस्त 2025
विषय सूची
- Vinod Kumar Rai की संपत्ति जब्ती
- Pramod Kumar के खिलाफ छापेमारी
- भ्रष्टाचार रोकथाम का संदर्भ
- राजनीतिक प्रभाव और प्रतिक्रियाएँ
- निष्कर्ष
Vinod Kumar Rai की संपत्ति जब्ती
22–23 अगस्त 2025 को Bihar Police की Economic Offences Unit (EOU) ने Rural Works Department के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर Vinod Kumar Rai के पटना स्थित घर और कार्यालय पर छापामारी की। ₹52 लाख नकदी (जिसमें ₹39.5 लाख जलाए गए और क्षतिग्रस्त नोट शामिल थे), बैंक दस्तावेज़, बीमा पॉलिसी, jewellery ₹26 लाख, एक SUV और विलेख जब्त किए गए। अधिकारियों का अनुमान है कि उनकी कुल संपत्ति ₹100 करोड़ से अधिक हो सकती है। मृत्युलबिंदु यह है कि नलिकाओं से जले हुए नोट बरामद हुए, और पैचवर्क की गई पाइपें भी खुलवाई गईं।1
Pramod Kumar के खिलाफ छापेमारी
10 जुलाई को EOU द्वारा BSEIDC (Bihar State Educational Infrastructure Development Corporation) के Executive Engineer Pramod Kumar के विभिन्न परिसरों पर छापेमारी की गई। परिणामस्वरूप लगभग ₹3.54 करोड़ के अवैध संपत्ति जैसे बैंक जमा, जमीन के दस्तावेज़, एक वाहन और नकदी जब्त की गइ। उनकी संपत्ति उनकी ज्ञात आय से 309.61% अधिक पाई गई। Pramod कुमार फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।2
भ्रष्टाचार रोकथाम का संदर्भ
इन ताज़ा मामलों ने बिहार में सरकारी इंजीनियरिंग विभागों में व्यापक भ्रष्टाचार और सिस्टम की चुप्पी को उजागर किया है। इससे पहले ED ने कई वरिष्ठ अधिकारियों के परिसरों से करोड़ों रुपये की नकदी जब्त की थी—जो यह दर्शाता है कि मामला सिर्फ एक या दो अधिकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक पैटर्न बन चुका है।3
राजनीतिक प्रभाव और प्रतिक्रियाएँ
RJD नेता तेजस्वी यादव ने भाजपा और नीतिश सरकार पर भ्रष्टाचार के व्यापक जाल फैलाने का आरोप लगाया है और कहा कि बिहार को एक पारदर्शी शासन की आवश्यकता है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।4
निष्कर्ष
Vinod Kumar Rai और Pramod Kumar के मामलों ने बिहार में सरकारी इंजीनियर्स के बीच निहित भ्रष्टाचार की गहराई को उजागर कर दिया है। जब्त किए गए करोड़ों, ऊँची संपत्तियाँ और सप्लाई चैन में कमी—सब यह दर्शाता है कि यह सिर्फ isolated घटना नहीं, बल्कि एक संरचनागत समस्या है। अब सवाल यह है कि क्या सरकार ठोस सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित कर पाएगी, या ये घटनाएं राजनीति का हिस्सा बनकर रह जाएँगी।
Image Captions (AI Prompt)
- Vinod Rai के घर पर छापेमारी के दौरान जब्त नकदी और दस्तावेज़।
- पाइप से जले हुए नोट बरामद करते EOU अधिकारी।
- Pramod Kumar के परिसरों से जब्त की गई जमीनी संपत्ति के दस्तावेज।
- बिहार में भ्रष्टाचार और जवावी कार्रवाई की प्रतीकात्मक छवि।

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